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कर्म करें.... Share on

जो कर्म को समझ लेता है, उसे किसी धर्म को समझने की ज़रूरत नहीं है। पाप शरीर से नहीं, बल्कि विचारों से होता है.. और गंगा शरीर को पवित्र करती है, विचारों को नहीं। *अखिल भारतीय गुजराती बलाई युवा संघ भारत* उज्जैन जिला ग्रामीण संघठन मंत्री प्रहलाद वाघेला